हिन्दी व्याकरण किसे कहते हैं संपूर्णता होयी

हिन्दी व्याकरण ! Hindi Grammar 

प्रारंभिक कक्षाओं की बात करे या कंपटीशन एग्जाम की बात दोनों में ही हिंदी व्याकरण विशेष महत्व रखती हैं. आज हम जानेंगे, हिंदी और व्याकरण किसे कहते हैं? Hindi Grammar Kise Kahte Hain!

इससे संबंधित कई तरह के प्रश्न परिक्षाओं में पूछे जाते हैं. यह हिंदी व्याकरण का मुख्य और प्रमुख लेख हैं. जहा से आप कई हिंदी व्याकरण के POST तक पहुंच सकते हैं.

तो दोस्तो अब हम बिना समय गंवाए हिंदी व्याकरण (Hindi Grammar) के इस पोस्ट को प्रारंभ करें. और शुरुआत में जानते है की Hindi Vyakaran Kise Kahte Hain.

व्याकरण किसे कहते हैं Grammar In Hindi

भाषा के ऐसे नियम जिनसे शास्त्र की भाषा की शुद्धि या शुद्धधता व्यक्त होती हैं, उसे व्याकरण कहते हैं. अन्य शब्दों में, भाषा के अंग, प्रत्यंग, और शुद्धियों के विश्लेषण या विवेचन को, व्याकरण (Grammar) कहते हैं.

ऐसा ज्ञान या विद्या जो भाषा को सही तरीके से शुद्ध बोलने या शुद्धता से लिखने और पढ़ने हेतु इस्तेमाल हो, वह व्याकरण हैं.

आपको सायद पता नही होगा की व्याकरण का द्वितीय नाम क्या है? तो हम आपको बात दें, की इसका द्वितीय नाम शब्दानुशासन हैं.

दोस्तो ऊपर आपने व्याकरण के बारे ने जाना, अब हम नीचे हिंदी व्याकरण किसे कहते हैं एवं हिंदी व्याकरण के तहत आने वाले मुख्य मुख्य टॉपिक्स को भी बताते हैं.हिन्दी व्याकरण किसे कहते हैं? Hindi Vyakaran: Grammar Kise Kahte Hain.... हिन्दी व्याकरण ! Hindi Grammar  प्रारंभिक कक्षाओं की बात करे या कंपटीशन एग्जाम

हिन्दी व्याकरण किसे कहते हैं? — Hindi Vyakaran Kise Kahate Hain

हिंदी को शुद्ध रूप में लिखने, पढ़ने, बोलने और सुनने के संबंधित नियम का बोध कराने वाला शास्त्र, उसे हिंदी व्याकरण कहते हैं. हिंदी भाषा (HINDI LANGUAGE) के विकास एवं अध्ययन के लिए यह मुख्य हैं.

हिन्दी-व्याकरण के हर स्वरूपों को चार खंडों के अंतर्गत अध्ययन संभव हैं–
जैसे कि;
1. वर्ण-विचार के अंतर्गत ध्वनि एवं वर्ण की जानकारी जानना.
2. शब्द-विचार के अंतर्गत शब्द के विविध पक्षों संबंधी नियमों को सीखना और समझना.
3. वाक्य-विचार के अंतर्गत वाक्य के रिलेटेड विभिन्न स्थितियों को जांच और परख करना.
4. छंद-विचार में साहित्यिक रचनाओं में भाषा विकास एवं शिल्पगत पक्षों पर विचार कर ध्यान केंद्रित करना.

हिंदी व्याकरण (Hindi Grammar) में कुछ अध्याय या टॉपिक:

हिंदी व्याकरण का ज्ञान प्राप्त करने एवं इसके विकास हेतु हमने हिंदी व्याकरण सीखने हेतु आने वाले मुख्य मुख्य अध्याय या टॉपिक्स को नीचे क्रम से बताया है. उन्हें आप ध्यान से पढ़ें, एवं उनमें से सभी को विस्तार से भी जानने की चेष्टा की जा सकती हैं.

वर्णमाला

किसी भी भाषा या उसे लिखने और बोलने हेतु उपयोग में लाए गए मानक प्रतीकों को….(वर्णमाला किसे कहते हैं. बारे में ज्यादा जानें!)

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शुद्ध वर्तनी 

शब्दों के शुद्ध रूप प्रभावशाली एवं शुद्ध भाषा के लिए SHUDH VARTANI का लिखना अत्यन्त आवश्यक होता है. अशुद्ध VARTANI के कारण भाषा का स्वरूप तो विकृत होता ही है, कभी – कभी अर्थ का अनर्थ भी हो ……(शुद्ध वर्तनी किसे कहते हैं. बारे में ज्यादा जानें!)

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शब्द

एक या अधिक वर्ण या बहु-विकल्पी शब्द या वर्णों से बनी हुई, स्वतंत्र सार्थक ईकाई को ही शब्द…….(शब्द किसे कहते हैं. बारे में ज्यादा जानें!)

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शब्द शक्ति 

जिसमें शब्द का अर्थ बोध कराने की शक्ति होतो हो उसे शब्द कहते हैं. तथा शब्दों के अर्थ को जिन रीतियों  से ग्रहण किया जाता है. उन्हें शब्द शक्ति….(शब्द शक्ति किसे कहते हैं. बारे में ज्यादा जानें!)

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संज्ञा

किसी जाति, द्रव्य, भाव, गुण, व्यक्ति, वस्तु, स्थान और क्रिया आदि के नाम को ……(संज्ञा किसे कहते हैं. बारे में ज्यादा जानें!)

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पद

जब कोई सार्थक शब्द वाक्य मे प्रयुक्त होता है, तो हम उस शब्द को पद….(पद किसे कहते हैं. बारें में ज्यादा जानें!)

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संधि

संधि दो शब्दों से सम् + धि से मिलकर संधि शब्द बना हैं. जिसका मतलब हैं मेल या जोड़. अर्थात् दो निकटवर्ती वर्णों के परस्पर मेल से, जो परिवर्तन उत्पन्न हो…. (संधि किसे कहते हैं. बारें में ज्यादा जानें!)

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सर्वनाम

जिन शब्दों का उपयोग संज्ञा वाले शब्द की जगह पर प्रयुक्त होता है. उन शब्दों को ……(सर्वनाम किसे कहते हैं. बारे में ज्यादा जानें!)

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क्रिया

जिन शब्दों से किसी काम का करना या होना व्यक्त हो उन्हें क्रिया (KRIYA) कहते हैं. जैसे- रोया, खा रहा ……(क्रिया किसे कहते हैं. बारे में ज्यादा जानें!)

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विशेषण

वे शब्द जो SANGYA या SARVANAM की विशेषता बताएं विशेषण होते हैं…..(विशेषण किसे कहते हैं. बारे में ज्यादा जानें!)

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क्रिया विशेषण

जिन शब्दों से क्रिया की विशेषता का पता चलता है. उन्हें.…(क्रिया विशेषण किसे कहते हैं. बारे में ज्यादा जानें!)

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उपसर्ग

ऐसे शब्दांश जो किसी शब्द के पूर्व जुड़ कर उसके अर्थ में परिवर्तन कर देते हैं या उसके अर्थ में विशेषता लाते हैं. उन्हें…… (उपसर्ग किसे कहते हैं. बारे में ज्यादा जानें!)

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प्रत्यय

ऐसे शब्द जो दूसरे शब्दों के अन्त में जुड़कर, अपनी प्रकृति के अनुसार, शब्द के अर्थ में परिवर्तन कर देते हैं, प्रत्यय…(प्रत्यय किसे कहते हैं. बारे में ज्यादा जानें!)

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समास

समास का शाब्दिक मतलब है संक्षिप्तीकरण. दो या दो से अधिक Shabd मिलकर एक नया एवं सार्थक शब्द की रचना की  जाती हैं. यह नया शब्द ….…(समास किसे कहते हैं. बारे में ज्यादा जानें!)

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रस

रस वह है जो Kavya में आनन्द आता है वह ही काव्य का रस है. काव्य में आने वाला Aanand अर्थात् रस लौकिक न होकर अलौकिक होता है. रस काव्य की आत्मा…. (रस किसे कहते हैं. बारे में ज्यादा जानें!)

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छंद

छंद शब्द ” चद ” धातु से बना हैं  जिसका अर्थ होता हैं :- खुश करना. हिंदी साहित्य के अनुसार अक्षर ,  अक्षरों की संख्या ,  मात्रा  ,  गणना ,  यति ,  गति से releted किसी विषय पर रचना को छंद ….. (छंद किसे कहते हैं. बारे में ज्यादा जानें!)

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अलंकार

अलंकार जो शरीर का Soundarya बढ़ाने के लिए धारण किए जाते हैं. संस्कृत में “काव्यशोभा करान धर्मानअलंकारान प्रचक्षते .” अर्थात् वह कारक जो काव्य की शोभा बढ़ाते हैं उन्हें ही अलंकार……(अलंकार किसे कहते हैं. बारे में ज्यादा जानें!)

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तत्सम शब्द

जिन शब्दों को संस्कृत भाषा में से बिना किसी परिवर्तन के ले लिया जाता है, उन्हें तत्सम….. (तत्सम किसे कहते हैं. बारे में ज्यादा जानें!)

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तद्भव शब्द

तत्सम शब्दों में समय और परिस्थितियों के कारण कुछ Parivartan करके बनाए गए शब्द को ही, तद्भव ……(तद्भव किसे कहते हैं. बारे में ज्यादा जानें!)

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कारक

कारक उसे कहते हैं, जो Vakya में आये संज्ञा आदि शब्दों का क्रिया के साथ संबंध बताती …..(कारक किसे कहते हैं. बारे में ज्यादा जानें!)

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वचन

व्याकरण में वचन (नम्बर) एक संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण और क्रिया इत्यादि की VYAKARAN सम्बन्धी श्रेणी होती है जो इनकी संख्या की सूचना प्रदान कराती हैं, वचन कहलाती हैं. (एक, दो, इत्यादि)…..(वचन किसे कहते हैं. बारे में ज्यादा जानें!)

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अव्यय

किसी भी भाषा के वे शब्द जिनके रूप में लिंग, वचन, पुरुष, कारक, काल आदि के कारण कोई विकार उत्पत्र नहीं होता है Avyay का शाब्दिक अर्थ है- ‘जो व्यय न हो.’ ऐसे शब्द हर स्थिति में अपने मूलरूप में बने….(अव्यय किसे कहते हैं. बारे में ज्यादा जानें!)

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लिंग

जिस चिह्न से यह बोध होता हो कि अमुक शब्द पुरुष जाति का है या स्त्री जाति का है. उस चिन्ह या Shabd की ही Ling कहते हैं. या शब्द के जिस रूप से किसी व्यक्ति, वस्तु आदि के पुरुष जाति या स्त्री जाति के होने का ज्ञान हो उसे लिंग….(लिंग किसे कहते हैं. बारे में ज्यादा जानें!)

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काल

क्रिया के जिस काल रूप से उसके होने का बोध होता है. उसे Kaal कहते हैं . काल के bhed प्रकार तीन होते हैं- भूत काल वर्तमान काल भविष्य काल…(काल किसे कहते हैं. बारे में ज्यादा जानें!)

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पर्यायवाची शब्द 

समान अर्थ देने वाले शब्दों को हम पर्यायवाची शब्द कहते हैं. Paryayvachi शब्दों में दो प्रकार की शब्दावली देखने को मिलती है…..(पर्यायवाची शब्द किसे कहते हैं. बारे में ज्यादा जानें!)

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विलोम शब्द 

जब किसी शब्द का Vilom वह शब्द होता है. जिसका अर्थ उस Shabd के अर्थ का एकदम उल्टा होता है विलोम कहलाता….(विलोम शब्द किसे कहते हैं. बारे में ज्यादा जानें!)

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अनेक शब्द के लिए एक शब्द 

अनेक शब्दों के लिए एक शब्द लाया हूं जो कि आप को बहुत ही पसंद आने वाले हैं. इसमें मैंने अनेक शब्दों के लिए एक शब्द की एक बहुत विस्तृत रूप से सूची बनाई….(अनेक शब्द के लिए एक शब्द किसे कहते हैं. बारे में ज्यादा जानें!)

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हिंदी मुहावरे 

कोई भी ऐसा वाक्यांश जिसका शब्दार्थ ग्रहण न करके कोई विलक्षण अर्थ ग्रहण किया जाता है, हिंदी मुहावरे (MUHAVARA) कहलाता….(हिंदी मुहावरे किसे कहते हैं. बारे में ज्यादा जानें!)

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हिंदी कहावतें लोकोक्ति 

लोकोक्तियों को कहावतों के नाम से भी पकारते हैं. भाषा को प्रभावी बनाने के लिए मुहावरों की तरह लोकोक्ति (LOKOKTIYO) का भी प्रयोग होता है. लोकोक्ति अथवा कहावत पारिभाषिक रूप से मुहावरेदार वाक्य होता है….(हिंदी कहावतें लोकोक्ति किसे कहते हैं. बारे में ज्यादा जानें!)

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संभवतः इस हिंदी व्याकरण HINDI GRAMMAR वाले आर्टिकल को समय समय पर नए टॉपिक जोड़कर अपडेट किया जा सकेगा. हम आपको विश्वास दिलाते हैं. की जो टॉपिक आप इस पोस्ट में नही देख आ दे उसे खोज बॉक्स में लिखकर सर्च करे ताकि संबंधित जानकारी मिल पाएं.

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