काल किसे कहते हैं KAAL KISE KAHATE HAIN. परिभाषा | 3 भेद | उदाहरण TENSE IN HINDI

काल किसे कहते हैं KAAL KISE KAHATE HAIN

दोस्तों आज के इस पोस्ट में हम काल के बारे में जानने वाले हैं। काल किसे बोलते हैं। KAAL KISE KAHATE HAIN एवं काल की परिभाषा। काल के भेद के साथ उनके उदाहरण को हिंदी में बताया हैं। आपको बता दें कि काल की अंग्रेजी में TENSE कहते हैं।

काल किसे कहते हैं KAAL KISE KAHATE HAIN. परिभाषा | 3 भेद | उदाहरण TENSE IN HINDI काल किसे कहते हैं KAAL KISE KAHATE HAIN

क्रिया (KRIYA) के जिस काल रूप से उसके होने का बोध (BODH) होता है, उसे काल कहते हैं

काल की परिभाषा

TENSE KI DEFINATION! क्रिया के जिस रूप से कार्य करने अथवा कार्य होने के समय का ज्ञान या बोध होता है, उसे काल (TENSE) कहते हैं।

अन्य शब्दों में– क्रिया के उस रूपान्तर को काल बोलते है, जिससे उस कार्य या व्यापर का समय एवं उसकी पूर्णता या अपूर्णता अवस्था का बोध हो रहा हो।

काल के उदाहरण

हम काल के उदाहरण (KAAL KE UDAHARAN) को नीचे बता रहे हैं–

  • राजेंद्र जा रहा है।
  • राजेंद्र जा रहा था।
  • राजेंद्र जायेगा।

>>> वाक्य किसे कहते हैं 

काल के भेद

(KAAL KE BHED) काल के तीन भेद होते है

  • 1. वर्तमान काल (PRESENT TENSE)
  • 2. भूतकाल (PAST TENSE)
  • 3. भविष्यत काल (FUTURE TENSE)

वर्तमान काल PRESENT TENSE

वर्तमान काल (VARTAMAN KAAL) >> क्रिया के जिस स्वरूप से वर्तमान में चल रहे समय या घटना का बोध होता है , उसे वर्तमान काल कहते हैं (PRESENT TENSE KAHATE HAIN!
उदाहरण

  • जितेंद्र खाना खाता है।
  • रबीना नाच रही हैं।
  • विनोद स्कूटी चल रहा है।

दोस्तों आपको बता दें कि वर्तमान काल की पहचान बहुत आसान हैं. जब वाक्य के अन्त में (ता, ती, ते, है, हैं) इत्यादि आते है।

वर्तमान काल के भेद

वर्तमान काल के पाँच भेद होते है और उन सभी को हम नीचे तालिका में बता रहे हैं।

  • सामान्य वर्तमान
  • तत्कालिक वर्तमान
  • पूर्ण वर्तमान
  • संदिग्ध वर्तमान
  • सम्भाव्य वर्तमान

सामान्य वर्तमान

सामान्य वर्तमान>>क्रिया का वह रूप, जिससे KRIYA का वर्तमानकाल में होना पाया जाएं, उसे सामान्य वर्तमान कहते हैं।
जैसे-
जीवन आता हैं।
प्रिया जाती हैं।

तत्कालिक वर्तमान

तत्कालिक वर्तमान>>इससे यह पता चलता है, कि क्रिया वर्तमानकाल में हो रही है।
जैसे- जीवन बाइक चला रहा हैं।
वह आ रहा है।

पूर्ण वर्तमान

पूर्ण वर्तमान>> इससे वर्तमानकाल में वर्क की पूर्णता सिद्धि का BODH होता है।
जैसे- रामू आया है।
संजू ने पुस्तक पढ़ी है।

संदिग्ध वर्तमान

संदिग्ध वर्तमान>>जिससे क्रिया के होने में सन्देह विषय प्रकट होता हैं, लेकिन उसकी वर्तमानकाल में सन्देह न हो।
जैसे- जीवन खाना खाता होगा।
राजेश पढ़ता होगा।

सम्भाव्य वर्तमान

सम्भाव्य वर्तमान>>इससे वर्तमानकाल में वर्क के पूरा होने की सम्भवना रहती है।
जैसे- बाजार से आया हो।
वह गया हो।

>>> समास किसे कहते हैं समास के भेद

भूतकाल PAST TENSE

भूतकाल (BHOOT KAAL) >> क्रिया के जिस रूप से बीते हुए पुराने समय का बोध व्यक्त हो रहा हो, उसे भूतकाल कहते है। PAST TENSE KAHATE HAIN.
सिंपल शब्दों में! जिससे क्रिया से कार्य की समाप्ति का बोध व्यक्त हो, उसे भूतकाल की क्रिया कहते हैं।
उदाहरण
जीवन खा चुका था।
पाठ पढ़ लिया था।
बाजार गया था।

आपको बता दें! कि इस भूतकाल को पहचानने हेतु वाक्य के अन्त में ‘था, थे, थी’ आदि आते हैं।

भूतकाल के भेद

PAST TENSE BHED in hindi. भूतकाल के छह भेद होते है-

  • सामान्य भूत
  • आसन भूत
  • पूर्ण भूत
  • अपूर्ण भूत
  • संदिग्ध भूत
  • हेतुहेतुमद् भूत

सामान्य भूत

सामान्य भूत>>जिससे भूतकाल की क्रिया (VERV) के विशेष समय का ज्ञान न हो।
जैसे- लक्ष्मण आया।
प्रज्ञा गयी।

आसन भूत

आसन भूत>>इससे KRIYA की समाप्ति निकट भूत में अथवा तत्काल ही सूचित होती है।
जैसे- मैने जामुन खाया है।
मैं दौड़ा हूँ।

पूर्ण भूत

पूर्ण भूत>>क्रिया (KRIYA) के उस स्वरूप को पूर्ण भूत कहते है, जिससे क्रिया के अंतिम समय का स्पष्ट बोध व्यक्त होता है, कि क्रिया को समाप्त हुए काफी समय बीता है।
जैसे- उसने कोमल को मारा था।
वह गया था।

अपूर्ण भूत

अपूर्ण भूत>>इससे यह ज्ञात होता है! कि क्रिया भूतकाल में हो रही थी, लेकिन उसके अंत का पता नही चलता।
जैसे- प्रमोद गीत गा रहा था।
लक्ष्मी सो रही थी।

संदिग्ध भूत

संदिग्ध भूत>>इसमें यह सन्देह बना हुआ हो कि भूतकाल में कार्य पूरा हुआ या नही।
जैसे- तुमने देखा होगा।

हेतुहेतुमद् भूत

हेतुहेतुमद् भूत>>इससे यह पता चलता है, कि क्रिया (KRIYA) भूतकाल में होने वाली थी, लेकिन किसी कारण न हो सका।
जैसे- वो आती।
वे जाते।
ओम खाना खाता।

>>> सर्वनाम किसे कहते हैं

भविष्यत काल FUTURE TENSE

भविष्यत काल (BHAVISHYA KAAL)>>भविष्य में होने वाली क्रियाओं को भविष्यतकाल की क्रिया कहते है।
अन्य शब्दो में- क्रिया (KRIYA) के जिस स्वरूप से वर्क का आने वाले समय में करना या होना प्रकट हो, उसे भविष्यतकाल FUTURE TENSE कहते है।
जैसे- रामू कल घर जाएगा।
हम खेल देखने जायेंगे।
वह बाजार जायेगा।

आपको बता दें! भविष्यत KAAL की पहचान हेतु किसी वाक्य के अन्त में ‘गा, गी, गे’ आदि का बोध है।

भविष्यत काल के भेद

FUTURE TENSE BHED IN HINDI! भविष्यतकाल के तीन भेद होते है-

  • सामन्य भविष्य
  • सम्भाव्य भविष्य
  • हेतुहेतुमद्भविष्य।

सामन्य भविष्य

सामन्य भविष्य>> इससे यह प्रकट एवं व्यक्त होता है, कि क्रिया सामान्यतः भविष्य में होगी।
जैसे- जीवंती पुस्तक पढ़ेगी।
वह मार्केट जायेगा।

सम्भाव्य भविष्य

सम्भाव्य भविष्य>>जिससे भविष्य में किसी वर्क के होने की सम्भावना हो।
उदाहरण;; राजेश काल आया।

हेतुहेतुमद्भविष्य

हेतुहेतुमद्भविष्य>> इसमे एक क्रिया(KRIYA) का होना दूसरी क्रिया के होने पर निर्भर करता है।
जैसे- वह कमाये, तो मैं खाऊँ।

>>> संज्ञा किसे कहते हैं भेद

समापन– आज अपने इस पोस्ट में क्या क्या जाना एवं काल के बारे में कुछ अन्य जानकारी पाने हेतु कॉमेंट करे एवं यह भी बताएं की पोस्ट कैसी लगी। एवं ऐसे अन्य जानकारी के लिए आप मुख्य रूप से रिलेटेड आर्टिकल्स अवश्य पढ़ें।

 

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