(रेखाचित्र और संस्मरण) व (नाटक और उपन्यास) में अंतर बताइए

हिंदी का ज्ञान लिए हिंदिजी आपके समक्ष प्रस्तुत है । हम आपको विश्वास दिलाते हैं को आप था कुछ नया एवं शुद्ध ही सीखने वाले हैं । हम अपने पाठकों के लिए नए नए पेज सजाकर लाते रहते हैं ।

इससे पहले हम (संधि और समास) & (नाटक और एकांकी) में अंतर वाले पेज को ला चुके हैं । और आज आपको इस पेज पर रेखाचित्र और संस्मरण & नाटक और उपन्यास में अंतर बताइए दोनों को एक साथ बताने का ज्ञान तैयार किया है जिसे अच्छे से सज्ज किया हैं ।

दोस्तो कैसे तो आप कुछ ही शब्दों के बाद आप इन अंतर को देखा पाएंगे । लेकिन उससे पहले हम आपको बताना जरूरी समझते है की कुछ लोगो के ऐसे कंबाइंड वाले अंतर को पढ़कर और समझकर हमरे पेज पर अच्छे से कॉमेंट किए है पर हमारी टीम सराहना की है ।

[हिंदी व्याकरण टॉपिक]

क्रिया विशेषण | विशेषण | सर्वनाम | पद

हम आप सभी से इस प्रेम हेतु आभारी हैं । आप भी इसे पढ़ें एवं अन्य सभी अंतर जो ही हिंदी व्याकरण से तथ्यों के बीच है उन्हें भी लेख में लिंक किया गया हैं । उन् तक आसानी से पहुंचा जा सकता हैं ।

(रेखाचित्र और संस्मरण) & (नाटक और उपन्यास) में अंतर बताइए

हम आपको बता दें की पहले हम रेखाचित्र और संस्मरण में अंतर को जानेंगे फिर नाटक और उपन्यास में अंतर जानने के बाद मुझे संबंधित पेज तक पहुंच हेतु रिलेटेड पेज को जाएंगे ।

तो अब दोस्तो हम सुरुआता में रेखाचित्र और संस्मरण में अंतर एवं संबंधित ज्ञान जान लेते हैं ।

रेखाचित्र और संस्मरण में अंतर – Rekhachitra aur sansmaran mein antar

रेखाचित्र किसे कहते हैं; रेखाचित्र जिसे आरेखण (ड्राइंग) भी बोलते हैं । यह एक तरह की दृश्य कला है । तो की द्वि आयामी साधन चिन्हित हेतु उपकरणों की सहायता से तैयार की जाने वाली दृश्य हैं । साधारण उपकरणों में कलम, पेंसिल, स्याही, ब्रश जैसे कई अन्य शामिल हैं । अंग्रेजी में रेखाचित्र को स्कैच बोलते हैं ।

संस्मरण किसे कहते हैं; अपनी स्मृति के आधार पर किसे विशेष घटना या व्यक्ति पर लिखित आलेख को संस्मरण कहते है ।

साहित्यिक निबंध की भाती प्रवृत्ति का माना जा सकता हैं । ऐसे रचना को संस्मरणात्मक निबंध बोलते हैं ।

संस्मरण में लेखक जो कुछ खुद देखता है, और खुद अनुभव करता है, उसी का चित्रण करता है ।

रेखाचित्र और संस्मरण में अंतर बताइए Rekhachitra aur sansmaran mein antar

हमने रेखाचित्र और संस्मरण में अंतर (Rekhachitra aur sansmaran mein antar) को नीचे क्रम से बताया हैं –

  • 1. रेखाचित्र बनाने ने आत्मपरखता नही होती, थोड़ी सी स्मृतियों को दिल में संजोकर रूपरेखा स्वरूप बनया जाता हैं । वही संस्मरण निर्माण में आत्मपरखता होती है, पुरानी यादों का समाहित होता हैं ।
  • 2. रेखाचित्र बनाने समय निर्माण करते समय अपनी कल्पनाओं का समावेश हो सकता हैं, किंतु सस्मरण में व्यक्ति का वास्तविक कभी न कभी अनिवार्य हैं ।
  • 3. रेखाचित्र में सत्य चित्रण आवश्यक नही, पर संस्मरण में वास्तविकता कभी न कभी स्पष्ट है ।
  • 4. रेखाचित्र किसी भी काल के लिए बनाए जा सकता है चाहे (भूतकाल, वर्तमान काल या भविष्यकाल) लेकिन संस्मरण हमारा अतीत काल (भूत काल) होता हैं ।
  • 5. भूतकाल की घटनाओं को संस्मरण में सत्यता से बताया जाए, पर रेखाचित्र में आवश्यक नही सत्यता या असत्य भी ।
  • 6. साधारण व्यक्ति के बारे में रेखाचित्र एवं विशेष प्रसिद्धि प्राप्त व्यक्ति हेतु संस्मरण लिखे जाते हैं ।

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रेखाचित्र और संस्मरण के मध्य अंतर जानने के बाद अब बारी आ गई है । संबंधित पेज पर नाटक और उपन्यास में अंतर जानते है ।

नाटक और उपन्यास में अंतर Natak aur upanyas mein antar

उपन्यास और नाटक में अंतर की खोज को अब हम नीचे तालिका में अंतर बता रहे हैं ।

  • 1. कथा साहित्य में विशेष स्थान रखने वाली ये दोनों विधाएं अलग अलग वैविध्य रखते हैं, दोनों का भिन्न भिन्न अस्तित्व है ।
  • 2. उपन्यास, नाटक की तुलना ने बहुत विस्तृत होता हैं ।
  • 3. नाटक को उपन्यास के लघु स्वरूप भी बुला जा सकता ।
  • 4. नाटक संकुचित स्वरूप में किंतु उपन्यास का वर्ण्य क्षेत्र विशाल हैं ।
  • 5. उपन्यास का वर्णन विशाल एवं विस्तृत ज्ञान दर्शाता है । लेकिन नाटक में ऐसा नही ।
  • 6. नाटक को जल्दी समाप्त की सके इतना बढ़ा बनाया जाता है, किंतु उपन्यास की कोई समय सीमा नही हैं ।
  • 7. नाटक जीवन की छोटी से झलक लेकिन उपन्यास जीवन समग्र विस्तृत चित्रण उपस्थित रहता है ।
  • 8. नाटक में कथानक भी हो सकता है और नही भी, केवल भाव मात्र को पूरा करना लक्ष्य है ।
  • 9. उपन्यास मुख्य कथा के साथ अन्य की छोटे छोटे पात्र प्रसंग से बना होता है । लेकिन नाटक में ऐसे मुख्य नही हैं ।

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