व्यंजन किसे कहते हैं

व्यंजन किसे कहते हैं?

व्यंजन वे ध्वनियाँ हैं जिनके उच्चारण में वायु का प्रवाह मुख में किसी न किसी स्थान पर अवरोधित होता है। इन ध्वनियों को अकेले नहीं बोला जा सकता है, इन्हें उच्चारण करने के लिए स्वर की आवश्यकता होती है।

व्यंजनों के प्रकार

व्यंजनों को उनके उच्चारण स्थान के आधार पर चार भागों में बाँटा जा सकता है:

  • स्पर्श व्यंजन: जब वायु का प्रवाह मुख के किसी स्थान पर पूर्ण रूप से रुक जाता है, तब स्पर्श व्यंजन का उच्चारण होता है।
  • अंतःस्थ व्यंजन: जब वायु का प्रवाह मुख के किसी स्थान पर आंशिक रूप से रुक जाता है, तब अंतःस्थ व्यंजन का उच्चारण होता है।
  • ऊष्म व्यंजन: जब वायु का प्रवाह मुख के किसी स्थान पर घर्षण पैदा करता है, तब ऊष्म व्यंजन का उच्चारण होता है।
  • संयुक्त व्यंजन: जब दो या दो से अधिक व्यंजनों को एक साथ बोलते हैं, तब संयुक्त व्यंजन का उच्चारण होता है।

व्यंजनों के उदाहरण

  • स्पर्श व्यंजन: क, ख, ग, घ, च, छ, ज, झ, ट, ठ, ड, ढ, त, थ, द, ध, प, फ, ब, भ, म, य, र, ल, व, श, ष, स, ह
  • अंतःस्थ व्यंजन: य, र, ल, व
  • ऊष्म व्यंजन: श, ष, स, ह
  • संयुक्त व्यंजन: क्ख, ख्ख, ग्घ, च्छ, ज्झ, ट्ठ, ड्ढ, त्थ, द्ध, प्फ, ब्भ, म्य, य्य, र्र, ल्ल, व्व

व्यंजनों का महत्व

व्यंजन शब्दों को बनाने और उनके अर्थ को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे शब्दों के उच्चारण को भी प्रभावित करते हैं।

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निष्कर्ष

व्यंजन भाषा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। वे शब्दों को बनाने और उनके अर्थ को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

अतिरिक्त जानकारी

  • हिंदी वर्णमाला में 42 व्यंजन हैं।
  • व्यंजनों को अघोष और घोष में भी विभाजित किया जा सकता है।
  • व्यंजनों के उच्चारण स्थान को भी जाना जा सकता है।

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