क्रिया विशेषण किसे कहते हैं

क्रिया विशेषण: क्रिया की विशेषता का वर्णन

क्रिया विशेषण (Adverb) एक ऐसा शब्द है जो क्रिया, विशेषण, या दूसरे क्रिया विशेषण की विशेषता बताता है। यह क्रिया के बारे में अधिक जानकारी देता है, जैसे कि क्रिया कैसे, कब, कहाँ, कितनी बार, या किस हद तक हुई।

क्रिया विशेषण के प्रकार:

  • स्थानवाचक क्रिया विशेषण: यह क्रिया के स्थान का बोध कराता है। जैसे, यहाँ, वहाँ, ऊपर, नीचे, पास, दूर, etc.
  • कालवाचक क्रिया विशेषण: यह क्रिया के समय का बोध कराता है। जैसे, आज, कल, पहले, बाद में, अभी, कभी, etc.
  • रीतिवाचक क्रिया विशेषण: यह क्रिया के तरीके का बोध कराता है। जैसे, धीरे, जल्दी, तेजी से, धीरे-धीरे, etc.
  • परिमाणवाचक क्रिया विशेषण: यह क्रिया की मात्रा का बोध कराता है। जैसे, बहुत, कम, अधिक, थोड़ा, etc.
  • संख्यावाचक क्रिया विशेषण: यह क्रिया की संख्या का बोध कराता है। जैसे, एक बार, दो बार, तीन बार, etc.
  • निश्चयवाचक क्रिया विशेषण: यह क्रिया की निश्चितता का बोध कराता है। जैसे, निश्चित रूप से, ज़रूर, अवश्य, etc.
  • संदेहवाचक क्रिया विशेषण: यह क्रिया की संभावना का बोध कराता है। जैसे, शायद, सम्भवतः, हो सकता है, etc.
  • प्रश्नवाचक क्रिया विशेषण: क्रिया विशेषण के उदाहरण:
  • वह जल्दी दौड़ता है। (रीतिवाचक क्रिया विशेषण)
  • मैं कल स्कूल जाऊँगा। (कालवाचक क्रिया विशेषण)
  • वह यहाँ बैठा है। (स्थानवाचक क्रिया विशेषण)
  • मैंने बहुत खाना खाया। (परिमाणवाचक क्रिया विशेषण)
  • वह दो बार आया था। (संख्यावाचक क्रिया विशेषण)

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निष्कर्ष:

क्रिया विशेषण भाषा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे क्रिया को अधिक स्पष्ट और सटीक बनाते हैं।

अतिरिक्त जानकारी:

  • क्रिया विशेषण आमतौर पर क्रिया से पहले आते हैं, लेकिन वे क्रिया के बाद भी आ सकते हैं।
  • कुछ क्रिया विशेषण विशेषणों से बनते हैं, जैसे कि धीरे (धीमा), जल्दी (जल्द), etc.
  • कुछ क्रिया विशेषण क्रिया-विशेषणों से बनते हैं, जैसे कि बहुत जल्दी, etc.