क्रिया के भेद ! kriya ke bhed

क्रिया के भेद के साथ क्रिया का अन्य ज्ञान आप इस पोस्ट के पढ़ने वाले हैं। व्याकरण हिंदी में आप पढ़ते आए है। देखा है की पहले संज्ञा और सर्वनाम जरूरी विषय है। लेकिन आप जब क्रिया का ये पोस्ट पढ़ ले तो उस समय के बाद आप संज्ञा और सर्वनाम वाले लेख को भी पढ़ें।

क्रिया के भेद ! kriya ke bhed

वैसे हम आपको क्रिया के भेद (kriya ke bhed) तो बता रहे हैं।

क्रिया के भेद ! kriya ke bhed

कर्म, जाति तथा रचना के अंतर्गत क्रिया के मुख्यतः दो भेद-
1. अकर्मक क्रिया
2. सकर्मक क्रिया

सकर्मक क्रिया के भेद
a. एककर्मक क्रिया b. द्विकर्मक क्रिया

संरचना के आधार पर क्रिया के चार भेद होता है
1. प्रेरणार्थक क्रिया
2. सयुंक्त क्रिया
3. कृदंत क्रिया
4. नामधातु क्रिया

प्रयोग की दृष्टि के तहत क्रिया के दो प्रकार है:
1. रूढ़, और
2. यौगिक।

परिभाषा: जिन शब्दों से किसी कार्य का होना या होना व्यक्त हो रहा हो, उन को क्रिया कहते हैं।

FAQs

क्रिया किसे बोलते है।

वे शब्द, जो कि हमें किसी काम के करने या होने का बोध कराएं।

क्रिया के उदाहरण

लिया, खा रहा, रोया, लिखना, गया, पीना आदि।

अकर्मक क्रिया Akarmak kriya और उदहारण 

वह क्रिया जिस का फल कर्ता को स्वयं पड़ता है, ऐसी क्रिया अकर्मक क्रिया होती है। इस क्रिया में कर्म की अनुपस्थिति या अभाव होता है। जैसे श्वेता पढ़ती है।

प्रेरणार्थक क्रिया क्या है उदाहरण बताएं

जिस क्रिया से यह ज्ञात या ऐसा ज्ञान प्राप्त हो कि कर्ता स्वयं काम करने की बजाय कोई अन्य काम करा रहा है। जैसे- दिखवाना, पढवाना, मरवाना लिखवाना, बोलवाना आदि।

निष्कर्ष

आप यहां क्रिया के प्रकार ! kriya ke bhed जान चुके है । आपको यदि कोई अन्य सवाल है तो आप कॉमेंट सेक्शन तक पहुंचें। इसके अतिरिक्त हिंदी व्याकरण के विशेष टॉपिक संधि और समास के उद्धरण तक पहुंचें– संधि किसे कहते हैं 

समास किसे कहते हैं 

 

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *