मक्का का आटा हिंदी में: Corn Flour in Hindi (2023-24)

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मक्का का आटा हिंदी में – Corn flour in hindi

कॉर्न फ्लौर (Corn flour) एक प्रकार का आटा होता है जो मक्के के अनाज से बनाया जाता है। यह एक सफेद रंग का पाउडर होता है जो घना होता है। कॉर्न फ्लोर को मक्के के दानों को सुखाकर और उन्हें फाइन पाउडर में पीसकर बनाया जाता है। इसे व्यंजनों को थिक करने और पकाने के लिए उपयोग किया जाता है।मक्का का आटा हिंदी में : Corn Flour in Hindi

यह ग्लूटेन मुक्त होता है इसलिए इसे ग्लूटेन संवेदनशील लोगों के लिए भी उपयोगी माना जाता है। कॉर्न फ्लोर का उपयोग मक्के के रोटी, चिल्ली, फ्राइड चिकन और और व्यंजनों के लिए एक उत्तम विकल्प है।

Corn flour” एक प्रकार का आटा होता है जो मक्के से बनाया जाता है। यह एक सफेद प्रकार का आटा होता है जो नामक से प्रचलित है। यह ग्लूटेन-फ्री होता है जिसका मतलब है कि इसमें विटामिन और प्रोटीन नहीं होता है। इसे मक्के को पीसकर बनाया जाता है और फिर इसका आटा तैयार किया जाता है।

यह आमतौर पर नूडल्स, ब्रेड, रोटी और कुकीज जैसी चीजों के बनाने में उपयोग किया जाता है। इसका उपयोग भारतीय व्यंजनों में भी किया जाता है, जैसे कि मक्की की रोटी और मक्की की खीर।

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कॉर्नफ्लोर क्या होता है : Corn flour in Hindi

कॉर्न फ्लौर, जिसे मेज़ फ्लोर या कॉर्नमील भी कहा जाता है, एक पाउडर है जो ग्राइंड किए गए मक्के के दानों से बनाया जाता है।

कॉर्नफ्लोर एक पाउडर होता है जो मक्के के अनाज को पीसकर बनाया जाता है। यह एक बहुत ही सामान्य प्रकार का आटा है जो भारतीय खाने की पकवानों में अनेक तरीकों से उपयोग किया जाता है। कॉर्नफ्लोर को अक्सर केक, कूकी, पूरी आदि के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यह ग्लूटेन-फ्री होता है, इसलिए यह विशेष रूप से उन लोगों के लिए उपयोगी होता है जो ग्लूटेन से पीड़ित होते हैं।

कॉर्नफ्लोर में पाए जाने वाले पोषक तत्व – Nutrition Value in Cornflour in Hindi

कॉर्न फ्लोर में निम्नलिखित पोषक तत्व पाए जाते हैं:

  • कार्बोहाइड्रेट: कॉर्न फ्लोर में कार्बोहाइड्रेट होते हैं जो ऊर्जा का मुख्य स्रोत होते हैं।
  • फाइबर: कॉर्न फ्लोर में फाइबर भी होता है जो आपके शरीर के लिए बेहद लाभदायक होता है। फाइबर आपके आहार से वसा और कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है।
  • प्रोटीन: कॉर्न फ्लोर में प्रोटीन भी होता है जो आपके शरीर के लिए महत्वपूर्ण होता है।
  • विटामिन और मिनरल्स: कॉर्न फ्लोर में विटामिन और मिनरल्स भी होते हैं जैसे कि विटामिन सी, विटामिन ए, विटामिन बी कंप्लेक्स, फोलिक एसिड, पोटैशियम, मैग्नीशियम और फास्फोरस।

ये सभी पोषक तत्व कॉर्न फ्लोर में पाए जाते हैं जो इसे आपके आहार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनाते हैं।

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मक्के के आटे और कॉर्नफ्लोर में अंतर – Difference Cornflour in Hindi

अंतर होता है। मक्के के आटा उन दानों को पीसकर बनाया जाता है जो कि बड़े होते हैं और अधिक मोटे आटे को बनाते हैं। इसके बावजूद, कॉर्न फ्लोर एक बहुत ही पतला और हल्का पाउडर होता है जो कि छिलके के बिना मकई के दानों को पीसकर बनाया जाता है। इसलिए, मक्के के आटा थोड़ा सा मोटा होता है और कॉर्न फ्लोर पतला होता है जो कि बहुत ही मुलायम बनता है।

दोनों में से कौन सा उपयोग करना है, इसका चयन उस व्यंजन के अनुसार किया जा सकता है जो आप बनाना चाहते हैं। जब आप एक मोटे व्यंजन जैसे कि मकई के रोटी या मकई की पूरी बनाना चाहते हैं तो आप मक्के के आटे का उपयोग कर सकते हैं। यदि आप एक मुलायम व्यंजन जैसे कि कॉर्न मफिन या पनीर कॉर्न टिक्की बनाना चाहते हैं, तो आप कॉर्न फ्लोर का उपयोग कर सकते हैं।

मक्के के आटे और कॉर्न फ्लोर दोनों मकई से बनते हैं, लेकिन इनमें कुछ अंतर होते हैं।

  1. उत्पादन विधि: मक्के के आटे को जायके की आधार पर बनाया जाता है जबकि कॉर्न फ्लोर उच्च गुणवत्ता वाले मकई दानों को पीसकर बनाया जाता है।
  2. गुणवत्ता: कॉर्न फ्लोर ज्यादा हल्का होता है और इसमें ज्यादा प्रोटीन होता है जबकि मक्के के आटे में ज्यादा फाइबर होता है।
  3. उपयोग: मक्के के आटे का उपयोग मुख्य रूप से रोटी, पूरी, नान जैसे बेक्ड आइटम बनाने के लिए किया जाता है। वहीं, कॉर्न फ्लोर में नां, टोर्टिल्ला, चीप्स, केक और अन्य मिठाई बनाने के लिए उपयोग किया जाता है।
  4. आपूर्ति: कॉर्न फ्लोर अधिक लंबे समय तक स्टोर कर सकता है जबकि मक्के के आटे को जल्दी से उपभोग करना चाहिए।
  5. मक्के के आटे और कॉर्न फ्लोर दोनों मकई से बनते हैं, लेकिन इनमें कुछ अंतर होते हैं।
  6. मक्के का आटा थोड़ा ग्रैनी होता है और इसमें कुछ ग्लूटेन होता है, जो कि इसे थोड़ा टेक्सचरल होने से भी लचीला बनाता है। मक्के का आटा एक अहम घटक है जो मकई की रोटियों को सॉफ्ट और एल्युवियस बनाता है।
  7. दूसरी तरफ, कॉर्न फ्लोर एक उपकरण होता है जो मकई के दानों को पीस कर बनाया जाता है। यह अधिक फाइन पाउडर होता है और इसमें कोई ग्लूटेन नहीं होता है। कॉर्न फ्लोर का उपयोग व्यंजनों को थिक करने और ठंडे पकवानों जैसे कि मकई के पकोड़ों, चिल्ले और टॉर्टिल्लास जैसे पकवानों के लिए किया जाता है।
  8. इसलिए, मक्के के आटे और कॉर्न फ्लोर में ये थोड़े अंतर होते हैं और उन्हें उनके उपयोग और फाइनल प्रोडक्ट के आधार पर चुना जाना चाहिए।
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कॉर्नफ्लोर के उपयोग – Uses of Cornflour in Hindi

कॉर्नफ्लोर कई व्यंजनों और आवश्यकताओं के लिए उपयोग में आता है। निम्नलिखित हैं कुछ मुख्य उपयोग:

  1. रोगन: कॉर्नफ्लोर एक उत्कृष्ट रोगन करने वाला तत्व है। इसे उचित मात्रा में उपयोग करने से आप अपने पास्ते, सब्जियों और सूप आदि को गाढ़ा कर सकते हैं।
  2. फ्राइयिंग: कॉर्नफ्लोर को फ्राइयिंग के लिए भी उपयोग किया जाता है। यह क्रिस्प और क्रंची बनाने में मदद करता है।
  3. बेकिंग: कॉर्नफ्लोर को बेकिंग के लिए भी उपयोग किया जाता है। इसे केक, कुकीज, ब्रेड और अन्य बेकिंग आइटम बनाने में शामिल किया जाता है।
  4. थिकनिंग एजेंट: कॉर्नफ्लोर एक अच्छा थिकनिंग एजेंट है जो सब्जियों, सूप और सॉस आदि को गाढ़ा करने में मदद करता है।
  5. लेपन: कॉर्नफ्लोर को अपने शरीर पर लगाया जा सकता है ताकि यह चमकदार और मुलायम हो जाए।
  6. डेजर्ट: कॉर्नफ्लोर को डेजर्ट बनाने में भी उपयोग किया जाता है।
  7. कुकीज़ और केक: कॉर्नफ्लोर बेकिंग में उपयोग किया जाता है ताकि आटे को मोटा करने के लिए इसमें मिलावट की जा सके।
  8. सूप और स्टू: कॉर्नफ्लोर थका और घना करने के लिए सूप और स्टू में उपयोग किया जाता है।
  9. फ्राई करने के लिए थिक करने हेतु: कॉर्नफ्लोर उबले जानवरों की तरह एक मोटी लेपन बनाता है जिससे खाद्य सामग्री को थोड़ा ज़्यादा गाढ़ा करने में मदद मिलती है।
  10. अन्य व्यंजनों की गाढ़ाई हेतु: कॉर्नफ्लोर अन्य व्यंजनों जैसे पूरी, नूडल्स, पनीर आदि की गाढ़ाई के लिए भी उपयोग किया जाता है।
  11. चाय या कॉफी को थोड़ा घना करने हेतु: एक चम्मच कॉर्नफ्लोर को एक कप चाय या कॉफी में मिलाकर उसे थोड़ा घना बना सकता है।
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कॉर्नफ्लोर के फायदे – Benefits of Cornflour in Hindi

कॉर्नफ्लोर कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है, निम्नलिखित हैं कुछ मुख्य लाभ:

  1. आहार में ग्लूटेन मुक्त: कॉर्नफ्लोर ग्लूटेन मुक्त होता है, जो ग्लूटेन एलर्जी वाले लोगों के लिए एक उत्तम विकल्प बनता है।
  2. मोटापा कम करने में मददगार: कॉर्नफ्लोर कम कैलोरी वाला होता है जिससे इसका सेवन मोटापा कम करने में मददगार होता है।
  3. पाचन तंत्र को स्वस्थ बनाए रखने में मददगार: कॉर्नफ्लोर में शामिल कुछ पोषक तत्व पाचन तंत्र को स्वस्थ बनाए रखने में मददगार होते हैं।
  4. उच्च ग्लाइसेमिक इंडेक्स: कॉर्नफ्लोर उच्च ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाला होता है जिससे शरीर में शुगर का स्तर तेजी से बढ़ता है जो दिन के अलग-अलग समय में एनर्जी प्रदान करता है।
  5. कब्ज को दूर करने में मददगार: कॉर्नफ्लोर में शामिल कुछ पोषक तत्व कब्ज को दूर करने में मददगार होते हैं।
  6. पाचन में मददगार: कॉर्नफ्लोर कई विटामिन और मिनरल जैसे कि फोलिक एसिड, विटामिन बी-6, फैट, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, आदि का स्रोत होता है जो पाचन के लिए आवश्यक होते हैं।
  7. वजन घटाने में मददगार: कॉर्नफ्लोर फैट और शक्कर की अधिकता से मुक्त होता है जिससे इसका उपयोग वजन घटाने में मददगार हो सकता है।
  8. उच्च ऊर्जा स्रोत: कॉर्नफ्लोर में कार्बोहाइड्रेट की अधिक मात्रा होती है, जो उच्च ऊर्जा स्रोत होती है।
  9. कोलेस्ट्रॉल कम करने में मददगार: कॉर्नफ्लोर में फाइबर की अधिक मात्रा होती है जो कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में मददगार होती है।
  10. दांतों के लिए लाभदायक: कॉर्नफ्लोर का उपयोग दांतों की मुख्यता से बचाने में मददगार होता है। इससे दांतों की समस्याओं जैसे दांतों में कैविटी, दांतों की सफाई आदि से
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कॉर्नफ्लोर से होने वाले नुकसान – Effects of Cornflour in Hindi

कॉर्नफ्लोर का अधिक सेवन निम्नलिखित नुकसानों से जुड़ा हो सकता है:

  1. वजन बढ़ना: कॉर्नफ्लोर में उच्च मात्रा में कार्बोहाइड्रेट होता है जो अधिक खाने से वजन बढ़ने का कारण बन सकता है।
  2. शुगर के लिए खतरा: कॉर्नफ्लोर में फाइबर की कम मात्रा होती है जो शुगर के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करती है, अधिक कॉर्नफ्लोर का सेवन करने से शुगर के स्तर में बढ़ोतरी हो सकती है।
  3. ग्लूटेन अलर्जी: कॉर्नफ्लोर में ग्लूटेन की अभाव होती है, लेकिन कुछ लोगों को इसके अलर्जी हो सकती है जो उन्हें पेट दर्द, बदहजमी, चक्कर आदि की समस्याएं हो सकती हैं।
  4. एलर्जी: कुछ लोगों को मक्के से एलर्जी होती है जो कॉर्नफ्लोर का उपयोग करते समय उन्हें अधिक समस्याओं से गुजरना पड़ सकता है।
  5. गुर्दे से संबंधित समस्याएं: कॉर्नफ्लोर में उच्च मात्रा में पोटैशियम होता है जो गुर्दों के लिए हानिकारक हो सकता है।
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FAQs

कॉर्नफ्लोर क्या होता है?

उत्तर : कॉर्नफ्लोर एक प्रकार का आटा होता है जो मक्के के अनाज से बनता है। इसे शुष्क मक्के को पीसकर बनाया जाता है।

कॉर्नफ्लोर का उपयोग कैसे किया जाता है?

उत्तर : कॉर्नफ्लोर का उपयोग विभिन्न तरह के व्यंजनों, जैसे कि सब्जियों, सूप, सॉस, पास्त्री आदि को गाढ़ा करने के लिए किया जाता है।

क्या कॉर्नफ्लोर को सीधा खा सकते हैं?

उत्तर : कॉर्नफ्लोर को सीधा खाने से बचें, क्योंकि इसमें कार्बोहाइड्रेट और फैट होती हैं जो अत्यधिक सेवन से सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं।

क्या कॉर्नफ्लोर को ग्लूटेन संबंधी समस्याओं वाले लोग खा सकते हैं?

उत्तर : हाँ, कॉर्नफ्लोर ग्लूटेन मुक्त होता है, इसलिए इसका सेवन ग्लूटेन संबंधी समस्याओं वाले लोगों के लिए उपयोगी होता है।

क्या कॉर्नफ्लोर के सेवन से वजन घट सकता है?

उत्तर : हाँ, कॉर्नफ्लोर में फैट और शक्कर की कम मात्रा होती है जो वजन घटाने में मददगार हो सकते हैं।

कॉर्नफ्लोर ग्लूटेन फ्री होता है?

उत्तर : जी हाँ, कॉर्नफ्लोर ग्लूटेन फ्री होता है।

कॉर्नफ्लोर का उपयोग कैसे किया जाता है?

उत्तर : कॉर्नफ्लोर का उपयोग सूप, सॉस, चावल की क्रीमी डिशेज और बेकरी आदि में थकवारी के समय थोड़ी सी मात्रा में किया जाता है।

क्या कॉर्नफ्लोर सेहत के लिए अच्छा होता है?

उत्तर : हां, कॉर्नफ्लोर सेहत के लिए अच्छा होता है। इसमें फाइबर, प्रोटीन और अन्य पोषक तत्व होते हैं जो सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं।

क्या कॉर्नफ्लोर को रोटी बनाने में उपयोग किया जा सकता है?

उत्तर : नहीं, कॉर्नफ्लोर को रोटी बनाने में उपयोग नहीं किया जा सकता है। यह ग्लूटेन नहीं होता है जो रोटी के आटे में होता है।

क्या कॉर्नफ्लोर को स्वस्थ विकल्प के रूप में उपयोग किया जा सकता है?

उत्तर : हां, कॉर्नफ्लोर को स्वस्थ विकल्प के रूप में उपयोग किया जा सकता है। इसे ग्लूटेन नहीं होता है और इसमें अनेक पोषक तत्व होते हैं

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